Thursday, June 11, 2020

टूरिज्म, ट्रैवल एवं हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री: प्रथम परिचय (My Views on Joining Hospitality Industry)

My Views on Joining Hospitality Industry

                                  टूरिज्म,  ट्रैवल एवं हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री:  प्रथम परिचय      

टूरिज्म यानी कि पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री  के प्रमुख विषय फ्रंट ऑफिस का सबसे पहला चैप्टर होता है और यह स्टूडेंट्स को यह बताने के लिए होता है कि हॉस्पिटैलिटी की जड़ें टूरिज्म इंडस्ट्री से जुड़ी हुई हैl  सबसे पहले तो हम यह जाने कि टूरिज्म होता क्या है? टूरिज्म यानी कि एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाना कम से कम 24 घंटों के लिए और इस जाने का उद्देश्य  नया रोज़गार या नए देश में हमेशा के लिए बस जाना नहीं हो। 
 टूरिज्म लैटिन शब्द से बना है जिसका मतलब होता है  कंपास। वही कंपास जिससे मैथ्स की ज्योमेट्री की क्लास में आप सर्कल बनाते हैं। यहां सर्कल से मतलब है कि जो यात्रा किसी खास स्थान से शुरू होती हो अंततः वही  पर आकर खत्म भी हो जाती हो I  हर टूरिस्ट अपने यात्रा की शुरुआत अपने होमटाउन से शुरू करता है और वापस लौट कर वहीं आ जाता है। अब हम जरा यह समझने की कोशिश करेंगे कि आखिर टूरिस्ट घूमते क्यों है? मोटे तौर पर हम टूरिस्ट के यात्रा के दो कारण गिना सकते हैं:
पहला बिज़नेस करने के लिए
दूसरा छुट्टियाँ बिताने के लिए
 हम  बिज़नेस तो समझते हैं लेकिन शायद बिज़नेस करने में यात्रा की जरूरत  कुछ स्पष्ट ढंग से ना समझ सकते हो। 
 अक्सर बिजनेसमैन अपनी बिक्री को बढ़ाने के लिए नए-नए मार्केट ढूंढते रहते हैं और इसीलिए नई नई जगहों की यात्राएं करते रहते हैं। मैं इसी विचार को इस वक्त  जोड़ना चाहता हूं कॉलोनी बनाने के ब्रिटिश साम्राज्य के अभियान को। ब्रिटेन में औद्योगिक क्रांति हुई और उनके कपड़ों की निर्माण क्षमता में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हुई। औद्योगिक मशीनों के द्वारा कपड़ों का जो उत्पादन हो रहा था वह इतना अधिक था उसे  सिर्फ  ब्रिटेन या यूरोप में बेचकर  लाभ कमाना संभव नहीं था क्योंकि कपड़े ज्यादा बन रहे थे और लोगों की खरीदने की क्षमता तथा लोगों की संख्या सीमित थी। इसीलिए ब्रिटेन और अन्य औद्योगिक देशों को नए बाजार तलाशने पड़े जहां वह अपनी औद्योगिक उत्पादन को बेच सकें और लाभ कमा सके। मैं उम्मीद करता हूं कि अब आप बिज़नेस और यात्रा का संबंध समझ गए होंगे। लेकिन अभी आपके लिए एक सरप्राइज़ बाकी है। जो घूमने का दूसरा कारण है,  यानी कि छुट्टियाँ बिताना उसका संबंध भी बिज़नेस से ही है । इससे पहले कि मैं आपको यह बताऊं आप अपने दिमाग पर जोर लगाइए और अपने आप से पूछिए कि आखिर बिज़नेस और छुट्टियों का संबंध क्या है?
जब आप कहीं बाहर जाते हैं,  खास करके अनजान जगहों पर,  तब आपको कैसा महसूस होता है? इस का छोटा सा जवाब है;   तनाव!   हमें यह तनाव महसूस क्यों होता है? नई जगह पर रहने के लिए सुरक्षित जगह ढूंढना,  साफ-सुथरा और पौष्टिक खाना खाना,  अगर बीमार पड़ जाए तो डॉक्टर से इलाज करवाना,  शहर में पता पूछ पूछ कर कहीं पहुँचना,  रास्ते में ठगे जाने का डर,   सामान चोरी   होने का डर,  पैसे ठगे जाने का डर,  छीन झपट का शिकार होने का डर और महिलाओं के लिए अन्य प्रकार के डर!  हो सकता है  कि मेरे द्वारा यहां कुछ समस्याएं छूट गई हो लेकिन यह तो तय है के अनजान शहर,  अनजान लोग,  अनजान देश और अनजान परिवेश हमें हमेशा चौकन्ना रहने पर मजबूर कर देते हैं। अब आप सोचिए कि अगर कोई व्यक्ति हमेशा नए नए शहरों की यात्राएं करता रहे क्योंकि उसे अपना बिज़नेस बढ़ाना है तो उसकी मानसिक हालत कैसी होगी? और हमने जो ऊपर   देखा की यात्रा करने की दो प्रमुख वजहों में से एक छुट्टी बिताना है! छुट्टी क्यों?  कोई भी लगातार तनाव बर्दाश्त नहीं कर सकता। और इस वजह से बड़ी-बड़ी कंपनियों के बड़े-बड़े अधिकारियों को हर साल कंपनी खुद छुट्टी बिताने के लिए बाहर  भेजती है। छुट्टी का खर्च कंपनी उठाती है! यह अधिकारी अक्सर यात्राएं करते हैं अपनी कंपनी का मार्केट बढ़ाने के लिए और उन पर एक अनवरत दबाव रहता है बिक्री बढ़ाने का। इसी दबाव से छुटकारा दिलाने के लिए कंपनियां अपने अधिकारियों को छुट्टी बिताने के लिए प्राकृतिक जगहों पर भेजती है। इस प्रकार आपने भी देखा की यात्रा का दो प्रमुख उद्देश्य बिज़नेस से ही जुड़ा हुआ है। ऐसा नहीं है कि यात्रा की और वजह नहीं होती। लेकिन आप हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट का कोर्स करने आए हैं और आपकी नौकरी और आपका करियर हॉस्पिटैलिटी से जुड़े क्षेत्रों में ही बनेगा। मैं मानता हूं की होटल व्यापार में ग्राहकों का सबसे बड़ा वर्ग बिज़नेस से संबंध रखता है।
  अब जरा समझने की कोशिश करते हैं टूरिज्म यानी कि पर्यटन की शुरुआत कब कहां और कैसे हुई  होगी। इंसान सबसे पहले घूम घूम कर खाना बटोरने वाला और कभी-कभी    छोटे जानवरों का शिकार करने वाला जंगली प्राणी रहा होगा। फिर उसने औजार बनाएं,  बेहतर शिकारी बना,  घोड़े और कुत्ते जैसे जानवरों को पालतू बनाया,  आग ढूंढा,   पहिया का आविष्कार किया और सबसे जरूरी,  एक स्थान पर टिककर खेती करने वाला किसान बना। यह मानव सभ्यता की यात्रा है।  इतिहास में इंसान के घुमंतू होने के प्रमाण पहले से ही मौजूद हैं। लेकिन इंसान अभी जिस प्रकार बिल्कुल व्यवस्थित ढंग से यात्रा करता है,  सारे इंतजाम करता है और सात समंदर पार जाकर फिर जल्दी ही वापस भी लौट आता है यह नया है। इसका इतिहास मुश्किल से 100 या 200 साल पुराना होगा। प्राचीन काल में क्या लोग यात्राएं करते रहे होंगे? क्या लोग विदेश जाते रहे होंगे? यात्रा किस प्रकार करते होंगे? यात्रा के दौरान अपनी सुरक्षा किस तरह करते होंगे? रात को कहां   सोते होंगे,  खाने का इंतजाम कैसे करते होंगे? इन सब सवालों के जवाब में ही हॉस्पिटैलिटी यानी कि अतिथि सत्कार उद्योग का मूल  छुपा हुआ है।
 प्राचीन कालीन मनुष्य यात्रा किस वजह से करता होगा? हो सकता है धार्मिक कारणों से यात्रा करता  रहा हो। या फिर अपना इलाज कराने के लिए,  पढ़ाई करने के  लिए,  संबंधियों से मिलने के लिए या फिर युद्ध के लिए! आपने अपने स्कूल में सिल्क रूट के बारे में जरूर पढ़ा होगा। आपने स्कूल में यह भी पढ़ा होगा सिल्क यानी रेशम का सबसे बड़ा उत्पादक देश चीन है और सिल्क रूट चीन को यूरोप से जोड़ता था। अब हमें समझने में आसानी होगी कि पुराने समय में यात्रा की एक बहुत बड़ी वजह व्यापार ही  रहा होगा।  यहां तक पढ़ने के बाद आप व्यापार और उसके महत्व के बारे में जागरूक अवश्य हो गए होंगे। हॉस्पिटैलिटी और व्यापार का संबंध बहुत पुराना है। ऐसी मान्यता है कि पुराने समय में राजा महाराजा यात्रियों की सुविधा के लिए धर्मशाला और सराय जैसी व्यवस्थाएं करवाते थे। लेकिन  दो धर्मशालाओं के बीच अगर दूरी ज्यादा रहे तो शायद यात्रियों को रात में पहुंचते-पहुंचते काफी देर हो जाने की संभावना रहती होगी। रात होते ही चोर,  डाकू,  जंगली जानवर का डर सताने लगता होगा और यह सारे यात्री जिनके पास कीमती सामान रहा होगा अगर वह अपने देश से बाहर निकल रहे होंगे। और अगर वह अपने देश व्यापार करने के बाद लौट रहे होंगे तो उनके पास काफी मात्रा में धन,  सोना,  हीरे जवाहरात आदि रहते होंगे और दोनों ही परिस्थिति में लूटे जाने का मतलब होगा व्यापार का नष्ट हो  जाना! और इसके लिए व्यापारी नजदीक के किसी गांव में रात भर का ठौर ठिकाना मांगते रहे होंगे। और जिस पहले परिवार ने उन्हें पहली बार रहने के लिए जगह दी होगी,  हाथ मुंह धोने के लिए पानी दिया होगा,  साथ में चल रहे जानवरों को चारा डाला होगा और इंसानों के लिए भोजन का प्रबंध किया होगा उसी परिवार से हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री की शुरुआत मानी जाएगी।
 आज पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी पूरी दुनिया में तीन प्रमुख रोजगार देने वाले क्षेत्र हैं! दो अन्य क्षेत्र हैं कंप्यूटर एवं आईटी उद्योग तथा टेलीकॉम उद्योग।
अब हम समझते हैं कि क्या टूरिज्म और हॉस्पिटैलिटी किसी एक ही क्षेत्र में सीमित रहे हैं या उसका दायरा बड़ा है। दुनिया का हर बड़ा देश बड़े गर्व के साथ अपने ऐतिहासिक धरोहरों की बात करता है और उनमें से यात्रियों,  व्यापारियों,  तीर्थ यात्रा करने वाले,  पढ़ाई के लिए जाने वाले,  अपनी  बीमारी का इलाज अच्छे वैद्य और हकीम से करवाने के लिए या फिर जंग के लिए जाने वाली सेनाओं के लिए रहने खाने की व्यवस्था सदियों से होती आ रही है। मतलब,  अतिथि का आदर करना,  उन्हें सुरक्षा देना,  सुरक्षित सोने की जगह देना,  स्वच्छ और पौष्टिक भोजन देना तथा अन्य किसी भी प्रकार की जरूरत  होने पर यथोचित सहायता करना एक वैश्विक परंपरा रही है। कोई भी देश यह दावा नहीं कर सकता कि वह इकलौता अतिथि सत्कार की परंपरा का वाहक रहा है।
 अब हम जानने की कोशिश करेंगे कि पर्यटन को बढ़ावा  किन प्रमुख वजहों से मिलता रहा है;
 पहला,  सुविधाजनक यात्रा
 दूसरा,  पैसे का आविष्कार
 तीसरा,  अंतर्राष्ट्रीय व्यापार
 पहियों के आविष्कार ने मनुष्य की पशुओं पर निर्भरता को काफी कुछ कम कर दिया। जैसे-जैसे ट्रांसपोर्ट यानी के यातायात के साधन  सस्ते और सुगम होते चले गए पर्यटन बढ़ता चला गया। इस साल अमेरिका की स्पेसएक्स नाम की कंपनी  ने जिसके प्रमुख का नाम एलन मस्क है,  प्राइवेट सेक्टर के द्वारा छोड़ा गया पहला अंतरिक्ष यान बनाने का गौरव हासिल किया। इस बात की काफी चर्चा हो रही है कि इसी कदम के साथ स्पेस टूरिज्म का रास्ता भी साफ हो गया है और 2022 तक स्पेस की सुरक्षित यात्रा आम आदमी के लिए उपलब्ध करा दी जाएगी। हालांकि ये अभी बहुत सस्ते नहीं होंगे लेकिन उसमें भी ज्यादा देर नहीं लगेगी हम यह उम्मीद कर सकते हैं।
 जो दूसरा प्रमुख कारण पर्यटन को बढ़ाने में सहायता देता है वह है पैसे  मैं लेन-देन! मुद्रा के प्रचलन में आने के बाद यात्रियों के लिए खरीद बिक्री करना सरल हो गया,  वस्तुओं की कीमतों में  स्टैंडर्ड का निर्धारण हुआ  तथा दो देशों के बीच में व्यापार संबंधी विवाद काफी सीमित हो गए। आज डिजिटल पेमेंट के जमाने में यह प्रक्रिया और भी सरल हो गई है और नकद लेकर चलने का जोखिम काफी कुछ समाप्त हो गया है। इस प्रकार हम यह कह सकते हैं के लेनदेन करने में जितनी सहजता और सरलता लोगों को मिलती है,  व्यापार उतना ही फैलता है,  और उसी के साथ साथ पर्यटन भी उतनी ही तेजी से पनपता है। पर्यटन न सिर्फ रोजगार देता है बल्कि किसी भी शहर गांव और कभी-कभी पूरे देश के इंफ्रास्ट्रक्चर को चमका देता है। दुनिया में ऐसे कई देश हैं जिनकी आमदनी का सबसे प्रमुख स्त्रोत पर्यटन ही है और आबादी का एक बहुत बड़ा हिस्सा,  खास करके महिलाएं और नौजवान इसका हिस्सा बनते हैं और पूरे समुदाय का डेवलपमेंट सुनिश्चित होता है।
 लेकिन पर्यटन केवल अच्छी चीजों तक ही सीमित रहता तो हम शायद इसकी पढ़ाई ना कर रहे होते। क्योंकि जो चीज पर्फेक्ट है,  सबके लिए सही है वह तो अपने आप चलेगी। पर्यटन परफेक्ट नहीं है और इसके बहुत सारे अनचाहे परिणाम भी मिलते हैं। उदाहरण के तौर पर;
 पर्यटन के साथ प्रदूषण भी फैलता है।
 पर्यटन अपने साथ अपराधी,  ड्रग का धंधा करने वाले,   वेश्यावृत्ति चलाने वाले,  ह्यूमन ट्रैफिकिंग यानी कि जिंदा इंसानों की खरीद बिक्री करने वाले,  तस्करी करने वाले,  हवाला कारोबारी और ऐसे ही बहुत सारे अनचाहे लोगों को एक देश की सीमा के भीतर दाखिल करने में मदद करते हैं और उस देश के नागरिकों की जिंदगी  पर बहुत ही दुखद प्रभाव छोड़ते हैं। इसीलिए जो विद्यार्थी हॉस्पिटैलिटी के क्षेत्र में,  पर्यटन के क्षेत्र में,  यात्रा एवं परिवहन के क्षेत्र में,  रेस्टोरेंट और बैंक्विट हॉल के क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत करना चाहते हैं उन्हें अभी से ही यह याद रखना होगा कि जिस क्षेत्र में वह अपना जीवन बिताने वाले हैं वहां अवसर तो जरूर हैं पर खतरे भी कुछ कम नहीं। अभी जब मैं यह स्टडी मटेरियल बना रहा हूं चारों तरफ कोरोना वायरस का आतंक छाया हुआ है और किसी को भी इस बात का  पता ही नहीं लग पा रहा है  कि उनका भविष्य कैसा रहेगा। जैसे ही लॉक डाउन शुरू हुआ,   लोगों ने यात्राओं को   टालना  शुरू कर दिया और जिस सेक्टर पर इसका सबसे ज्यादा और सबसे पहले प्रभाव हुआ वह था टूरिज्म। अभी आर्थिक मंदी की भी चिंता चल रही है और मैं आपका ध्यान दिलाना चाहूंगा आज से 12 साल पहले आई आर्थिक मंदी की। वह साल था 2008 और अगर आपकी याददाश्त पर आप थोड़ा सा जोर डालेंगे तो आपको उसी साल हुए ताज होटल पर आतंकी हमले जरूर याद  आएंगे। आपको जानकर बहुत ही तकलीफ होगी कि उस हमले में ताज होटल के जनरल मैनेजर की पत्नी और दोनों बच्चों की क्रूर हत्या कर दी गई थी।
 यह है  टूरिज्म,  ट्रैवल और हॉस्पिटैलिटी उद्योग! हर वक्त काम के प्रेशर और खतरों से जूझता हुआ! कोरोना वायरस  खांसी करने और  छींक से फैलता है। अब आप सोचिए कि वह वेटर जो रेस्टोरेंट में,  कैंटीन में,  जूठे बर्तन हटाता है वह खुद कितना रिस्क में रहता होगा!  इंफेक्शन के द्वारा होटल्स में,  एयरलाइंस में,  बड़े-बड़े क्रुज़  लाइनर्स में  कितने लोगों की मौत हर साल हो जाती है इसका आंकड़ा तो मेरे पास नहीं है।  शायद यह आंकड़ा रखा ही नहीं जाता होगा। लेकिन पर्यटन को भविष्य बताने वाले यह छुपाए जाते हैं कि इस भविष्य के संभावित खतरे किस प्रकार तेजी से बढ़ते जा रहे हैं! आप सब अपना करियर होटल मैनेजमेंट में शुरू करने वाले हैं और मैं पिछले 26 सालों से इस इंडस्ट्री का हिस्सा रहा हूं। डराना तो मेरा मकसद हो ही नहीं सकता क्योंकि मेरी रोजी-रोटी आप से ही चलती है । मैं अपने सारे विद्यार्थियों को सचेत करना चाहता हूं और उन्हें एक खास प्रकार की सीखने की वृत्ति  मैं निपुण बनाना चाहता हूं। और सीखने की इस  कला को मैं स्मार्ट लर्निंग कहना चाहूंगा। सीखिए मगर यह समझने के बाद कि क्या सीखना जरूरी है। सिर्फ एग्जाम पास करने के लिए मत सीखिए,  सिर्फ इंटरव्यू के लिए  मत सीखिए,  किसी को इंप्रेस करने के लिए तो बिल्कुल मत सीखिए। सीखिए ताकि आप अपनी जिंदगी का सही ढंग से संचालन और प्रबंधन कर सकें। आप कामयाब हो यह तो मैं चाहता हूं लेकिन मैं यह नहीं चाहता कि आप कोई चूक  करें और उसकी कीमत,  बड़ी भारी कीमत  भरनी पड़े आपको,  या फिर आपके परिवार को!
 अब जब आप जरा उदास महसूस कर रहे होंगे,  शायद मुझे कोस  भी रहे होंगे मैं आपको लिए चलता हूं पर्यटन के सबसे शानदार पहलुओं की तरफ!अभी जब कोरोना वायरस के आर्थिक कहर से सारा विश्व   एक अनजाने डर की चपेट में है उसी वक्त विश्व के 2 सबसे बड़े देशों ने अपने अपने एयरलाइन कंपनियों को भारी आर्थिक मदद देने की घोषणा की है। एक देश का नाम है फ्रांस और दूसरे का,  जर्मनी। जहां तक मुझे याद आ रहा है ऑस्ट्रेलिया की सरकार भी इसी प्रकार की मदद कर रही है। यह मदद क्यों दी जा रही है? क्योंकि एयरलाइन विश्व की अर्थव्यवस्था का एक प्रमुख आधार है। दूसरा प्रमुख आधार होटल उद्योग,  लोकल ट्रांसपोर्ट और खानपान की व्यवस्था करने वाले स्थानीय उद्यमी हैं। अगर व्यापार होगा तो यात्राएं फिर से शुरू होगी। होटलों के कमरे खुलेंगे और पहले की ही तरह लजीज खाने की खुशबू सड़कों पर फिर से   बिखर जाएंगी। जब तक जान और जहान है तब तक व्यापार है। व्यापार है तो पर्यटन है। और पर्यटन है तो होटल मैनेजमेंट है।
 होटल मैनेजमेंट आपको मौका देता है दुनिया की बेहतरीन इमारतों में काम करने का,  जहां पर एक बार जाने का सपना दुनिया के ज्यादातर लोगों का कभी पूरा नहीं होता। दुनिया के सबसे धनाढ्य,  सुसंस्कृत और मीठा बोलने वाले लोग आपके ग्राहक होंगे। आप उनसे जितना बढ़िया व्यवहार करेंगे वह बदले में आपको उचित सम्मान देंगे। क्या आप जानते हैं कि होटलों में जो ग्राहक का सामान   उठाकर कमरे तक पहुंचाते हैं उन कर्मचारियों को क्या कहते हैं? उन्हें कहते हैं बेलबॉय या फिर  पोर्टर ! कहने को तो यह एक मामूली सा काम प्रतीत होता है  जिसे हम में से ज्यादातर लोग  करना पसंद नहीं करेंगे। लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं जो बेलबॉय की पोस्ट से ऊपर प्रमोशन लेना नहीं चाहते! ऐसा क्यों होता होगा भला? इसका सीधा सा उत्तर है बेलबॉय को मिलने वाली बेहतरीन टिप!  
 पर्यटन उद्योग में टिप  मिलना  एक आम बात है और बहुत से कर्मचारियों के लिए यह कमाई का बहुत बड़ा स्रोत होता है। अगर बेलबॉय प्रमोशन लेकर बेल कैप्टन बन जाए,  अगर रेस्टोरेंट का  वेटर  प्रमोशन लेकर मैनेजर बन जाए तो उन्हें टिप मिलना बंद हो जाएगा!  यह ऐसा मुद्दा है जिस पर अक्सर विवाद भी होता है लेकिन उस पर चर्चा फिलहाल करना मुझे सही नहीं लगता और वहां पर चलते हैं जहां से पर्यटन का  करियर बहुत ही शानदार दिख पड़ता है। विदेश जाकर नौकरी करना,  डॉलर में कमाई करना,  उस पैसे को वापस अपने देश में अपने पेरेंट्स को भेजना होटल मैनेजमेंट करने वाले बहुत से विद्यार्थियों की और उनके परिवारों की जिंदगी को बदल चुका है। होटल मैनेजमेंट में स्मार्ट  लगना,  स्मार्ट तरीके से बातचीत करना,  नम्र व्यवहार और कठिन परिस्थितियों में संयम बनाए रखने की जबरदस्त ट्रेनिंग दी जाती है।इसमें करियर बनाने वाले की सर्विस इंडस्ट्री में भारी मांग है। बैंकिंग, रिटेल,  इवेंट मैनेजमेंट,  इंश्योरेंस,  कॉल सेंटर,  कस्टमर केयर वगैरह ऐसे बहुत सारे सेक्टर हैं जहां पर आप अपना करियर बना सकते हैं। अगर आप अपने करियर की संभावनाओं को और ज्यादा विस्तार देना चाहते हैं तो मेरा सुझाव होगा कि आप होटल मैनेजमेंट में ग्रेजुएशन करने के बाद एमबीए कर ले। एमबीए यानी कि मास्टर्स इन बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन।
 जब हमने   एमबीए की बात शुरू की है  तो मैं आपको होटल मैनेजमेंट और एमबीए के कोर्स की मुख्य अंतर को समझाने की कोशिश करूंगा। एमबीए का कोर्स ज्यादा पुराना नहीं है और इसकी शुरुआत  सामान बनाने वाली फैक्ट्रियों को संभालने वाले मैनेजरों को तैयार करने के लिए किया गया था। वही फैक्ट्री जिसकी शुरुआत औद्योगिक क्रांति से हुई और जिसने ब्रिटिश साम्राज्य को कॉलोनी ढूंढने और उन पर अधिकार स्थापित करने के लिए बाध्य किया। यह फैक्ट्रियां इतनी बड़ी हो चुकी हैं कि कई लोगों को लगता है कि पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था को चंद फैक्ट्री मालिक कंट्रोल करते हैं। मगर इन फैक्ट्रियों के साथ जो एक और असाध्य समस्या शुरू हुई जो अंततः इन फैक्ट्रियों के काम करने के तरीकों में जबरदस्त बदलाव लेकर आई! इस समस्या का नाम था  पूंजीवादी और लेबर वर्ग का आपसी मतभेद और जबरदस्त संघर्ष! इस संघर्ष को दिशा दी कार्ल मार्क्स  जैसे विचारकों नेऔर सोवियत संघ तथा चीन जैसे देशों में तख्ता पलट देने वाली क्रांति ने! यहां पर आपको मेरे विचार थोड़े अटपटे लग सकते हैं लेकिन मेरा यकीन मानिए आपका पाला इन चीजों से भविष्य में पड़ने वाला है। अभी से अगर जागरूक रहेंगे तो आपके सीखने में एक गुणात्मक बदलाव आएगा और यही मेरी मंशा भी है।
 अभी  कोरोना  के  आतंक के साए में  पूरा विश्व जी रहा है! एक संस्था है जो इस वक्त काफी चर्चा और विवादों में है। इस संस्था पर अमेरिका ने चीन का अत्यधिक प्रभाव होने की बात कही थी। इस संस्था पर चीन की गलतियों पर पर्दा डालने की भी बात कही जा रही है। आप समझ ही गए होंगे मैं किसकी बात कर रहा हूं? डब्ल्यू एच ओ यानी वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन एक बहुत ही महत्वपूर्ण संस्थान है जिस का संचालन पूरे विश्व की स्वास्थ्य व्यवस्था को सही ढंग से चलाने के लिए की गई है। स्वास्थ्य महत्वपूर्ण है सबके लिए और इसीलिए डब्ल्यूएचओ का अस्तित्व मैं आना कोई आश्चर्य की बात नहीं! इसी तर्क के आधार पर मैं आपको दो संस्थाओं के बारे में बताना चाहूंगा जो डब्ल्यूएचओ की तरह ही महत्वपूर्ण जिम्मेदारी उठाती है। इस संस्था का नाम है डब्ल्यूटीओ और डब्लूटीसी! डब्ल्यूटीओ का मतलब है वर्ल्ड टूरिज्म ऑर्गेनाइजेशन,  और डब्लूटीसी का फुल फॉर्म है,  वर्ल्ड टूरिज्म काउंसिल। आप नाम से ही समझ गए होंगे कि यह दोनों संस्थाएं वैश्विक स्तर पर देशों के बीच पर्यटन के क्षेत्र में तालमेल बनाने का भार उठाती है। स्वास्थ्य की तरह ही पर्यटन भी पूरे विश्व के लिए बहुत महत्वपूर्ण है और अब जब आप अपना करियर पर्यटन के क्षेत्र में बनाने की ओर अग्रसर हैं आपको इस बात का यकीन हो जाना चाहिए कि आप एक ऐसे इंडस्ट्री में काम करेंगे जिससे पूरे विश्व समुदाय को लाभ होता है।
 मैं इस चैप्टर का समापन युद्ध के बच्चे,  इंग्लिश में वार  बेबीज  नाम के होटलों से करूंगा जो आपके देश के सबसे बड़े औद्योगिक शहर मुंबई में द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान बनाए गए। जब मैंने भी यह पहली बार  पढ़ा था तो  चौक गया था  कि क्या यह संभव है कि जब चारों तरफ युद्ध की विनाश लीला चल रही हो तो नए होटल बनाए जासकते हैं! क्योंकि बनाए गए थे इसलिए हम यहां उसका जिक्र भी कर रहे हैं। कुछ सालों पहले सलमान खान की एक फिल्म आई थी जिसका नाम था, “एक था टाइगर”! एक  दृश्य में जब किसी आतंकवादी के लीडर का विचार पूछा गया कि आखिर युद्ध होते क्यों है तो उसका जवाब था, “War is the biggest Business!” (युद्ध सबसे बड़ा धंधा है।)
 मेरा घर जमशेदपुर में है और मेरे पिताजी सारी उम्र टाटा मोटर्स में काम करके रिटायर हो चुके हैं और जमशेदपुर में ही रहते हैं। उन्होंने मुझे एक बार टाटा घराने के संस्थापक जमशेदजी टाटा की जीवनी पढ़ने को दी। मैंने उसमें पाया की जो सबसे पहली फैक्ट्री उन्होंने लगाई वह थी  टिस्को। टाटा आयरन एंड स्टील कंपनी! साल था सन 1907। मैंने कहीं और पढ़ा था के कपड़ों का व्यापार करने वाले जमशेदजी टाटा ने आयरन की फैक्ट्री उन्नीस सौ सात में इसलिए लगाई क्योंकि उन्हें पता लग गया था के प्रथम विश्व युद्ध जल्द ही होने वाला है और हथियारों की होड़ में लोहे की जबरदस्त मांग रहने वाली है! एक चतुर व्यापारी की सटीक व्यापार नीति! हो सकता है कि मैं गलत समझा  हूं  लेकिन कहने वाले कहते हैं कि टाटा ने प्रथम विश्वयुद्ध से इतना पैसा कमाया कि उन्होंने भारत का पहला फाइव स्टार होटल मुंबई में 1922 मैं खोला!  फाइव स्टार होटलों की आपने कई कहानियां सुनी  सुनाई होगी  कि कैसे एक अंग्रेज ने अपने होटल के बाहर एक बोर्ड टांग दिया था की कुत्ते और भारतीयों का प्रवेश निषेध है!   किवदंती है कि जमशेदजी टाटा ने भी एक ऐसा ही मिलता जुलता बोर्ड अपने होटल के बाहर टांगा था! लेकिन अगर आप मेरी राय मांगेंगे तो मैं यही कहूंगा कि जमशेदजी टाटा जैसा चतुर व्यापारी ऐसी गलती कभी नहीं कर सकता।
 आपको आपके सुखद,  सफल और प्रभावी कैरियर यात्रा के लिए मेरी हार्दिक शुभकामनाएं! 

 
       प्रवीण झा                                                                                    जून 10, 2020 
 वरिष्ठ व्याख्याता
 होटल प्रबंधन संस्थान,  हाजीपुर
 जिला वैशाली,  बिहार



5 comments:


  1. Your blog was good and informative. Thanks for sharing your thoughts, keep posting!.
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  2. Thank you very much for sharing such blog, it is a great source of encouragement. Hotel Management Colleges in Udaipur

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  3. Thank you to all learned readers for their appreciation & encouragement!!!

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